जब प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरकार पहलगाम आतंकी हमले पर अपनी चुप्पी तोड़ी, तो कई लोगों को उम्मीद थी कि यह बयान दिल्ली से आएगा। इसके बजाय, यह बयान चुनावी राज्य बिहार के दिल से आया। क्या यह महज समय का संयोग था, या इसके पीछे कोई गहरी रणनीति थी?
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