अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने मांग की है कि मौजूदा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए, नए ट्रस्ट का गठन किया जाए और इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। इसके साथ ही कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए देश से माफी मांगने की मांग भी की है।

राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मामले पर कांग्रेस ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण और संचालन के लिए पूरी आस्था के साथ दान दिया था, लेकिन उस धन की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में ट्रस्ट विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की चोरी के सामने आए मामलों ने देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है।
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कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने इस मामले में पांच प्रमुख मांगें रखी हैं-
  • श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए।
  • शंकराचार्यों, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधियों और संत-महात्माओं को शामिल कर नया ट्रस्ट बनाया जाए।
  • ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
  • पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए देश की जनता से माफी मांगें।

CCTV, ऑडिट रिपोर्ट का हवाला

शक्ति सिंह गोहिल ने दावा किया कि मंदिर परिसर की 40 दिनों की सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 बार चोरी की घटनाएँ दिखाई देती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2023 से 2025 तक की ऑडिट रिपोर्ट में भी चढ़ावे की चोरी का उल्लेख किया गया है।

कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल के अनुसार ऑडिट रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की कवरेज पर्याप्त नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद किसी स्तर पर प्रभावी जांच नहीं कराई गई।

जमीन खरीद विवाद का भी उठाया मुद्दा

गोहिल ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट पहले भी जमीन खरीद को लेकर विवादों में रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 2.9 करोड़ रुपये की जमीन को 18 करोड़ रुपये में खरीदा गया था और उसी समय ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई हो जानी चाहिए थी। उनका कहना था कि यदि उस समय सख्त कदम उठाए जाते तो आज यह स्थिति शायद नहीं बनती।

'आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'

कांग्रेस ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की अनियमितता या चोरी हुई है तो यह सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ भी धोखा है। गोहिल ने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर मिले दान का पूरा और पारदर्शी हिसाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बीजेपी पर हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। गोहिल ने कहा कि शंकराचार्यों ने पहले ही कार्यक्रम के मुहूर्त पर आपत्ति जताई थी, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उनकी सलाह को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने धार्मिक आयोजन को राजनीतिक कार्यक्रम में बदल दिया।

दान की राशि को लेकर भी सवाल

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कथित चोरी के खुलासे से पहले मंदिर में प्रतिदिन लगभग 16 से 18 लाख रुपये का चढ़ावा दर्ज होता था। लेकिन जब चोरी का मामला सार्वजनिक हुआ, उसके बाद यह राशि बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे यह सवाल उठता है कि पहले प्रतिदिन मिलने वाले दान का पूरा रिकॉर्ड दर्ज हो रहा था या नहीं। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

महंत लाल दास की 'हत्या' का मुद्दा उठाया

शक्ति सिंह गोहिल ने पूर्व मुख्य पुजारी महंत लाल दास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 'राम मंदिर के मुख्य पुजारी महंत लाल दास ने रथ यात्रा के दौरान कहा था कि इसे धार्मिक स्थान ही रहने दो, राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए। इसके बाद, पहले उन्हें पद से हटाया गया और फिर बाद में उनकी हत्या कर दी गई।'
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सरकार और ट्रस्ट की ओर से क्या कहा गया?

कांग्रेस के इन आरोपों पर इस समाचार के लिखे जाने तक केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उधर, पहले ट्रस्ट की ओर से कहा जा चुका है कि चढ़ावे में अनियमितता से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है और ज़रूरी प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।