चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करेगा। जानिए किन राज्यों में चुनाव होंगे और क्या हो सकता है चुनावी कार्यक्रम।
भारत के चुनाव आयोग रविवार शाम 4 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। इसमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इन पांच राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में खत्म हो रहा है। इसलिए नए चुनाव जरूरी हैं।
किन-किन राज्यों में चुनाव होंगे?
- पश्चिम बंगाल
- असम
- केरल
- पुदुचेरी
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। 2021 में 8 चरणों में चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार कम चरणों में चुनाव हो सकते हैं। शायद 2-3 चरणों में होने की संभावना है। राजनीतिक दलों ने 1-2 चरणों में चुनाव कराने की मांग की है। विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म होगा।
असम में हिमंता का भविष्य दाँव पर
असम में हिमंता बिस्व सरमा की भाजपा सरकार है। यहां भी बहु-चरणीय चुनाव संभावित हैं। कार्यकाल 20 मई को खत्म हो रहा है। तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन की डीएमके सरकार है। यहां एक ही चरण में चुनाव हो सकते हैं। कार्यकाल 10 मई को खत्म होगा। केरल में पिनराई विजयन की एलडीएफ़ सरकार है। एक चरण में चुनाव की संभावना है। कार्यकाल 23 मई को ख़त्म हो रहा है। पुदुचेरी में एन. रंगासामी की एआईएनआरसी सरकार है। एक चरण में चुनाव संभव है। कार्यकाल 15 जून को खत्म होगा।
तारीख़ों का ऐलान क्यों अहम?
एक बार तारीखें घोषित होते ही मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। सभी पार्टियां प्रचार शुरू कर सकेंगी, लेकिन सरकारी घोषणाओं और फैसलों पर रोक लग जाएगी। चुनाव अप्रैल-मई में होने की संभावना है, ताकि नए सरकारें जून तक बन सकें।
एसआईआर का रोल
पिछले साल जून से चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट की विशेष गहन जांच यानी एसआईआर प्रक्रिया शुरू की है। इसमें पुरानी लिस्ट से मिलाकर नए सिरे से वोटरों की जांच की जाती है। नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों की पड़ताल और इस पर सुनवाई भी होती है।अब तक 11 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर पूरा हो चुका है। इससे कुल 18.98 करोड़ वोटरों की संख्या घटी है। असम को एनआरसी के कारण छोड़ा गया था। उत्तर प्रदेश में एसआईआर चल रहा है, अंतिम लिस्ट 10 अप्रैल को आएगी। बाकी राज्यों में अप्रैल से शुरू होगा।
यह एसआईआर 2000 के शुरुआती सालों के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि शहरीकरण, माइग्रेशन और कई जगहों पर नाम दर्ज होने की समस्या के कारण जरूरी था। लेकिन विपक्ष इसे नागरिकता की जांच का बैक डोर तरीका मानता है। सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं।
राजनीतिक माहौल कैसा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ही कोलकाता में रैली की और टीएमसी पर 'घुसपैठियों' को बचाने का आरोप लगाया। एसआईआर के दौरान टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर पक्षपात का आरोप लगाकर इम्पीचमेंट का प्रस्ताव संसद में दिया था।
ये चुनाव 2026 के लिए बड़े हैं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी बनाम बीजेपी, असम में बीजेपी बनाम कांग्रेस-गठबंधन, तमिलनाडु में डीएमके बनाम एआईएडीएमके और केरल में एलडीएफ़ बनाम यूडीएफ़ जैसी बड़ी लड़ाई होगी। सभी की नजरें आज शाम 4 बजे के ऐलान पर टिकी हैं। जैसे ही तारीखें आएंगी, प्रचार जोर पकड़ेगा और राजनीति गरमाएगी।