पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस। जानिए किन राज्यों में चुनाव होंगे और क्या हो सकता है चुनावी कार्यक्रम।
पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में 23 व 29 अप्रैल को होंगे, जबकि असम, केरल व पुदुचेरी में 9 अप्रैल को और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में चुनाव होंगे। सभी राज्यों में 4 मई को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस इसकी घोषणा की। चुनाव आयोग ने कहा है कि 6 मई तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इन पांच राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में खत्म हो रहा है। इसलिए नए चुनाव ज़रूरी हैं।
किन राज्यों में वोटिंग कब?
- असम- 9 अप्रैल
- केरल- 9 अप्रैल
- पुदुचेरी- 9 अप्रैल
- तमिलनाडु- 23 अप्रैल
- पश्चिम बंगाल- 23 और 29 अप्रैल
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। 2021 में 8 चरणों में चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार कम चरणों में चुनाव होंगे। राजनीतिक दलों ने 1-2 चरणों में चुनाव कराने की मांग की है। विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म होगा।
पीएम की रैली के एक दिन बाद घोषणा
चुनाव आयोग की घोषणा से दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में रैली करके चुनाव प्रचार शुरू किया। पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया कि हाल ही में हुए वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एसआईआर में वे घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं। इस बीच, टीएमसी के नेतृत्व में विपक्ष ने सीईसी पर एसआईआर के दौरान पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने के लिए इम्पीचमेंट मोशन संसद के दोनों सदनों में दिया है।किन विधानसभा में कितनी सीटें?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि असम की विधानसभा में 126 सीटें हैं जिनमें से 9 एससी और 19 सीटें एसटी के लिए रिज़र्व हैं। केरल में 140 विधानसभा सीटें हैं जिनमें से 14 एससी और 2 सीटें एसटी के लिए रिज़र्व हैं। पुदुचेरी में 30 सीटों के लिए चुनाव हैं उनमें से 5 सीटें एससी के लिए आरक्षित हैं। तमिलनाडु विधानसभा के लिए 234 सीटें हैं और इनमें से 44 सीटें एससी व 2 एसटी के लिए रिज़र्व हैं। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इनमें से 68 सीटें एससी और 16 एसटी के लिए आरक्षित हैं।असम में हिमंता का भविष्य दाँव पर
असम में हिमंता बिस्व सरमा की भाजपा सरकार है। यहां भी बहु-चरणीय चुनाव संभावित हैं। कार्यकाल 20 मई को खत्म हो रहा है। तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन की डीएमके सरकार है। यहां एक ही चरण में चुनाव हो सकते हैं। कार्यकाल 10 मई को खत्म होगा। केरल में पिनराई विजयन की एलडीएफ़ सरकार है। एक चरण में चुनाव की संभावना है। कार्यकाल 23 मई को ख़त्म हो रहा है। पुदुचेरी में एन. रंगासामी की एआईएनआरसी सरकार है। एक चरण में चुनाव संभव है। कार्यकाल 15 जून को खत्म होगा।
तारीख़ों का ऐलान क्यों अहम?
एक बार तारीखें घोषित होते ही मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। सभी पार्टियां प्रचार शुरू कर सकेंगी, लेकिन सरकारी घोषणाओं और फैसलों पर रोक लग जाएगी। चुनाव अप्रैल-मई में होने की संभावना है, ताकि नए सरकारें जून तक बन सकें।
एसआईआर का रोल
पिछले साल जून से चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट की विशेष गहन जांच यानी एसआईआर प्रक्रिया शुरू की है। इसमें पुरानी लिस्ट से मिलाकर नए सिरे से वोटरों की जांच की जाती है। नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों की पड़ताल और इस पर सुनवाई भी होती है।अब तक 11 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर पूरा हो चुका है। इससे कुल 18.98 करोड़ वोटरों की संख्या घटी है। असम को एनआरसी के कारण छोड़ा गया था। उत्तर प्रदेश में एसआईआर चल रहा है, अंतिम लिस्ट 10 अप्रैल को आएगी। बाकी राज्यों में अप्रैल से शुरू होगा।
अक्टूबर 2025 में दूसरे चरण की घोषणा करते समय सीईसी ने कहा था कि असम को इसमें शामिल नहीं किया क्योंकि वहाँ एनआरसी यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स अभी पब्लिश नहीं हुआ है।
अब तक क्या हुआ?
चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार और केरल में कुल 18.98 करोड़ वोटर कम हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में एसआईआर अभी चल रहा है, फाइनल लिस्ट 10 अप्रैल को आएगी। बाकी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से शुरू होगा। आखिरी बार बड़े पैमाने पर एसआईआर 2000 के शुरुआत में हुआ था। उसके बाद हर साल और चुनाव से पहले लिस्ट अपडेट होती है।राजनीतिक माहौल कैसा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ही कोलकाता में रैली की और टीएमसी पर 'घुसपैठियों' को बचाने का आरोप लगाया। एसआईआर के दौरान टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर पक्षपात का आरोप लगाकर इम्पीचमेंट का प्रस्ताव संसद में दिया था।
ये चुनाव 2026 के लिए बड़े हैं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी बनाम बीजेपी, असम में बीजेपी बनाम कांग्रेस-गठबंधन, तमिलनाडु में डीएमके बनाम एआईएडीएमके और केरल में एलडीएफ़ बनाम यूडीएफ़ जैसी बड़ी लड़ाई होगी। सभी की नजरें आज शाम 4 बजे के ऐलान पर टिकी हैं। जैसे ही तारीखें आएंगी, प्रचार जोर पकड़ेगा और राजनीति गरमाएगी।