फेमिली ड्रामा देखकर सिनेमा हॉल से बाहर जा रहे दर्शक अगर इमोशनल हों और उनकी आखें भीगी हुई हों तो इसका अर्थ है कि फिल्म ने उन्हें छुआ है लेकिन सवाल है कि 20 साल पुरानी कहानी देखने दर्शक सिनेमाघर में घुसेगा क्यों? डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी की समीक्षा :
फेमिली ड्रामा देखकर सिनेमा हॉल से बाहर जा रहे दर्शक अगर इमोशनल हों और उनकी आखें भीगी हुई हों तो इसका अर्थ है कि फिल्म ने उन्हें छुआ है लेकिन सवाल है कि 20 साल पुरानी कहानी देखने दर्शक सिनेमाघर में घुसेगा क्यों? डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी की समीक्षा :