राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जाति जनगणना के मामले में अपना रुख़ एकदम से क्यों बदल लिया? क्या विपक्षी दलों द्वारा बनाए गए माहौल ने उसे झुकने के लिए मजबूर कर दिया? अब प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के सामने क्या रास्ता बचा है?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जाति जनगणना के मामले में अपना रुख़ एकदम से क्यों बदल लिया? क्या विपक्षी दलों द्वारा बनाए गए माहौल ने उसे झुकने के लिए मजबूर कर दिया? अब प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के सामने क्या रास्ता बचा है?