इंडिया टुडे-सीवोटर मूड ऑफ द नेशन सर्वे 2026: पश्चिम बंगाल में अगर आज चुनाव हो तो तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी कहां खड़े हैं, कौन सी पार्टी जीत रही है। मुकाबला सीधा है या बहुकोणीय है। सब जानिएः
इंडिया टुडे और सीवोटर द्वारा किए गए 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वे के अनुसार, अगर आज लोकसभा चुनाव कराए जाएं तो पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) राज्य की 42 सीटों में से 28 सीटें जीत सकती है, बीजेपी को 14 सीटें मिलेंगी। यह आंकड़ा 2024 के लोकसभा चुनाव में आए नतीजों के नज़दीक है। यानी टीएमसी और ममता बनर्जी अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखने में सफल दिख रही हैं। हालांकि बढ़त और अंतर मामूली है।
इस सर्वे में बीजेपी को मामूली बढ़त मिली है। पार्टी की सीटें 2024 के मुकाबले 12 से बढ़कर 14 तक पहुंच सकती हैं। अगस्त 2025 के पिछले MOTN सर्वे में बीजेपी को सिर्फ 11 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था, जो अब सुधार के साथ 14 हो गया है। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का वोट शेयर भी 39 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, यानी तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी।
यह सर्वे पिछले आठ हफ्तों में 1.25 लाख से अधिक जवाब देने वालों पर आधारित है और यह चुनाव के संभावित रुझान को बताता है। सर्वे में पश्चिम बंगाल को तेजी से द्विध्रुवीय मुकाबले वाला राज्य बताया गया है, जहां टीएमसी और भाजपा के बीच सीधी टक्कर हो रही है। सीपीएम और कांग्रेस बहुत पीछे रह गए हैं। अगर इसको जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव के नज़रिए से देखा जाए तो टीएमसी बेहतर स्थिति में लग रही है। हालांकि बीजेपी ने मामूली बढ़त हासिल की है।
सीवोटर के डायरेक्टर यशवंत देशमुख ने कहा, "पश्चिम बंगाल तेजी से द्विध्रुवीय मुकाबले में बदल रहा है और यहां ध्रुवीकरण और भी तेज हो रहा है।" हालांकि, सर्वे से साफ है कि बीजेपी को टीएमसी के गढ़ में कोई बड़ा सेंध लगाने में सफलता नहीं मिल रही है। टीएमसी अपनी अधिकांश 2024 वाली सीटें बरकरार रख सकती है।
यह सर्वे ऐसे समय में आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने 29 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 12 मिली थीं। इससे पहले के MOTN सर्वे में भी टीएमसी की बढ़त दिखती रही है, लेकिन इस बार मामूली बदलाव देखा गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर MOTN सर्वे में एनडीए को 350 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान है। बंगाल में क्षेत्रीय पार्टी टीएमसी की प्रासंगिकता बनी हुई है और भाजपा को बड़ा उलटफेर करने में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।