क्या अमेरिका और इसराइल को छोड़कर दुनिया के बाक़ी देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट खुला है? ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने यह दावा क्यों किया? यदि ऐसा है तो फिर तेल के टैंकर क्यों फँसे हैं और तेल के दाम आसमान क्यों छू रहे हैं?
अब्बास अरागची होर्मुज स्ट्रेट पर क्या बोले?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने शनिवार को कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला हुआ है, लेकिन यह केवल अमेरिका और इसराइल के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इसराइल के साथ ईरान के बीच युद्ध तेज हो गया है। कई जहाज इस अहम समुद्री रास्ते में फँसे हुए हैं। इनमें भारतीय जहाज भी शामिल हैं।
एमएस न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में अरागची ने कहा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में खुला है। यह केवल हमारे दुश्मनों के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है। यानी उन लोगों के लिए जो हम पर हमला कर रहे हैं और उनके सहयोगियों के लिए। बाकी सभी को गुजरने की आजादी है।'
उन्होंने साफ़ किया कि जलडमरूमध्य अमेरिकी और इसराइली जहाजों तथा टैंकरों के लिए बंद है, लेकिन अन्य देशों के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की चिंताओं के कारण कई जहाज खुद ही नहीं गुजरना चाहते और यह ईरान की वजह से नहीं है। कई टैंकर और जहाज अभी भी होर्मुज से गुजर रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों इतना अहम है?
होर्मुज जलडमरूमध्य ओमान और ईरान के बीच स्थित है। यह सबसे संकरी जगह पर केवल 33 किलोमीटर चौड़ा है। रोजाना यहां से दुनिया के कुल तेल का लगभग एक पांचवां हिस्सा गुज़रता है। खाड़ी से निकलने वाला ज़्यादातर तेल इसी रास्ते से जाता है। अगर यह बंद हो जाए तो दुनिया भर में तेल की क़ीमतें बहुत बढ़ सकती हैं और ऊर्जा संकट आ सकता है।
ट्रंप की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार ईरान को चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में रुकावट डाली गई तो वे ईरान के तेल ढांचे को तबाह कर देंगे। ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्होंने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमले किए, जहां ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने तेल ढांचे को अभी नहीं मारा, लेकिन अगर ईरान ने होर्मुज में दखल दिया तो वे इसे भी तबाह कर देंगे।
होर्मुज को खुला रखने के लिए देश युद्धपोत भेजें: ट्रंप
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ब्रिटेन सहित कई देशों से अपील की है कि वे होर्मुज को खुला रखने के लिए युद्धपोत भेजें। उन्होंने उम्मीद जताई है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश जहाज भेजेंगे। अमेरिका इनके साथ मिलकर काम करेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरानी जहाजों को पानी से बाहर निकालता रहेगा और तट पर बमबारी जारी रखेगा।ट्रंप ने शनिवार को कहा कि बहुत से देश ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश से परेशान हैं। ये देश अमेरिका के साथ मिलकर अपने युद्धपोत भेजेंगे ताकि यह रास्ता जहाजों के लिए सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी कहा कि इस बीच अमेरिका ईरान के तट पर जमकर बमबारी करेगा और ईरानी नावों व जहाजों को पानी में गोली मारकर खत्म करेगा। व्हाइट हाउस ने अभी तक यह नहीं साफ़ किया है कि क्या कोई देश ने सच में जहाज भेजने को हामी भरी है।
ईरान को रूस-चीन का सहयोग
इंटरव्यू में जब अरागची से पूछा गया कि क्या रूस और चीन ईरान को सैन्य और खुफिया मदद दे रहे हैं तो अरागची ने कहा कि रूस और चीन हमारे रणनीतिक साझेदार हैं। हमारा उनके साथ पहले से क़रीबी सहयोग है, जिसमें सैन्य सहयोग भी शामिल है, और यह जारी है।
क्या तेल के हालात सुधरेंगे?
युद्ध के कारण होर्मुज में कई जहाज फंसे हैं और तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। ईरान कहता है कि वह दुश्मन देशों के जहाजों को नहीं गुजरने देगा, लेकिन अन्य देशों के जहाजों को कोई समस्या नहीं है। अमेरिका एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि यह रास्ता सुरक्षित रहे। यह स्थिति बहुत गंभीर है और दुनिया भर की नजरें यहां टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे तेल की आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।