कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर पाकिस्तान को "शर्मनाक क्लीन चिट" देने का आरोप लगाया है। उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में बिश्केक (किरगिजस्तान) में दिए गए अपने बयानों को "एंटी-नेशनल" करार दिया है।
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी और निर्देश पर पाकिस्तान को क्लीन चिट दी। जयराम रमेश ने पूछा, "क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्रबिंदु नहीं है? क्या पाकिस्तान में भारत को निशाना बनाने वाले आतंकवादी कैंप नहीं हैं? क्या पाकिस्तान में भारत-विरोधी वैचारिक इंडोक्रिनेशन नहीं है?"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अप्रैल 2026 को बिश्केक में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा था कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता नहीं है और न ही कोई धर्म। उन्होंने आतंकवाद को वैश्विक शांति के लिए सबसे गंभीर खतरा बताया और दोहरे मापदंडों (double standards) की निंदा की। उन्होंने राज्य प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की अपील की और कहा कि आतंकवादियों को शरण देने वाले देशों को कोई छूट नहीं मिलनी चाहिए।
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उन्होंने "ऑपरेशन सिंदूर" (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के केंद्रों को अब खत्म कर दिया गया है। यह बयान पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में दिया गया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

जयराम रमेश ने इन बयानों को प्रधानमंत्री मोदी की "अमेरिका की संतुष्टि" और चीन के प्रति "पूर्ण समर्पण" की नीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह नया रुख पाकिस्तान के प्रति है, जो मोदी सरकार की विदेश नीति की असफलता को दर्शाता है। कांग्रेस ने दावा किया कि रक्षा मंत्री के "शॉकिंग स्टेटमेंट्स" एंटी-नेशनल हैं, खासकर जब पाकिस्तान जैसे देश को क्लीन चिट दी जा रही है, जो भारत के खिलाफ आतंकवाद का प्रमुख स्रोत माना जाता है।
जयराम रमेश ने पूछा- क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र नहीं है? क्या पाकिस्तान में ऐसे आतंकवादी शिविर नहीं हैं जिनका लक्ष्य भारत हो? क्या पाकिस्तान में भारत विरोधी विचारधारा का प्रचार-प्रसार नहीं हो रहा है? क्या मुंबई और पहलगाम आतंकी हमलों की साजिश और उन्हें अंजाम देने वाले पाकिस्तान के आतंकवादी नहीं थे? स्पष्ट रूप से पाकिस्तान के प्रति यह नया रुख, प्रधानमंत्री की अमेरिका को खुश करने की नीति और चीन के सामने सुनियोजित आत्मसमर्पण का हिस्सा है। रक्षा मंत्री के चौंकाने वाले बयान उतने ही राष्ट्रविरोधी हैं जितना कि प्रधानमंत्री द्वारा 19 जून, 2020 को चीन को दी गई विचित्र क्लीन चिट।
यह विवाद SCO बैठक के दौरान राजनाथ सिंह के भाषण पर आधारित है, जहां उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकसमान नज़रिए की वकालत की, लेकिन कांग्रेस इसे पाकिस्तान के प्रति नरम रुख के रूप में देख रही है।