एलपीजी संकट को लेकर विपक्षी दलों के सांसदों ने गुरुवार 12 मार्च को संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। सांसदों ने नरेंदर सरेंडर, नरेंदर गायब, सिलिंडर भी गायब जैसे नारे लगाए। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री घबराए हुए हैं।
एलपीजी संकट पर संसद परिसर में विपक्ष का गुरुवार को प्रदर्शन
संसद परिसर और संसद के अंदर गुरुवार को विपक्ष ने एलपीजी गैस सिलेंडर संकट को लेकर जोरदार हंगामा किया। लोकसभा में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के कारण सदन स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण पैदा ऊर्जा संकट को संभालने में नाकामी का आरोप लगाते हुए संसद में पूर्ण चर्चा की मांग की। कैंपस में हुए प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने पीएम मोदी के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। विपक्षी सांसदों ने नारे लगाए- नरेंदर सरेंडर, नरेंदर गायब, सिलिंडर भी गायब। इस दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थी। राहुल गांधी ने भी पीएम पर हमला बोला।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा- देशभर में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी है, जिससे किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। खेती में ईंधन और उर्वरकों की कमी से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को रिफिल के लिए 25 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें लग रही हैं। रेस्तरां बंद हो रहे हैं, ब्लैक मार्केटिंग बढ़ गई है। उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित अवरोध से कतर और अबू धाबी जैसे आपूर्तिकर्ताओं से तेल, गैस और एलपीजी आयात प्रभावित हो रहा है।
खड़गे ने आगे कहा कि इस संकट से 60,000 टन बासमती निर्यात रुक गया है, गेहूं की खेप प्रभावित हुई है, दवाओं की कीमतों में 30% कच्चे माल की बढ़ोतरी से उछाल आया है। इससे कपड़ा, विमानन ईंधन, स्टील, सिरेमिक, ग्लास, एफएमसीजी और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने सरकार की पुरानी नीतियों जैसे नोटबंदी और कोविड प्रबंधन में असफलताओं से तुलना की।
खड़गे ने आगे कहा कि इस संकट से 60,000 टन बासमती निर्यात रुक गया है, गेहूं की खेप प्रभावित हुई है, दवाओं की कीमतों में 30% कच्चे माल की बढ़ोतरी से उछाल आया है। इससे कपड़ा, विमानन ईंधन, स्टील, सिरेमिक, ग्लास, एफएमसीजी और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने सरकार की पुरानी नीतियों जैसे नोटबंदी और कोविड प्रबंधन में असफलताओं से तुलना की।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अलका लंबा ने संसद परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बीजेपी नीतियों को महंगाई, बेरोजगारी और जनता पर बोझ का जिम्मेदार ठहराया। प्रियंका गांधी ने एलपीजी कीमतों में कमी और तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की, साथ ही अमेरिकी दबाव और अन्य मुद्दों का जिक्र किया। राहुल गांधी ने भी संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन खुद घबराए हुए लगते हैं। कल सदन में उनकी कुर्सी खाली थी।”
विपक्ष ने राज्यसभा में वॉकआउट किया और लोकसभा में विरोध जताया, क्योंकि विदेश मंत्री एस जयशंकर के सोमवार के बयान से असंतुष्ट थे। जयशंकर ने पश्चिम एशिया में डी-एस्केलेशन, संवाद, क्षेत्र में एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर जोर दिया था।
सरकार के सहयोगी जेडीयू सांसद संजय झा ने संकट को कमतर आंकते हुए प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से कहा कि कोविड काल की तरह भारत इस युद्ध के दौरान भी संकट से उबरेगा। प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोई एलपीजी या पेट्रोल संकट नहीं है, सरकार स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है।
विपक्ष ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ हटाने का प्रस्ताव पेश किया था, जिसे 118 सांसदों के समर्थन से खारिज कर दिया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने प्रस्ताव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और स्पीकर की निष्पक्षता का बचाव किया।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से देश में एलपीजी, ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कमी की आशंका बढ़ गई है। सरकार ने घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और होर्डिंग रोकने के लिए रिफिल बुकिंग की न्यूनतम अवधि 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है।
विपक्ष ने मांग की है कि सरकार एलपीजी कीमतों में तत्काल कमी करे और संकट पर पारदर्शी चर्चा करे, ताकि जनता को सच्चाई पता चले। संसद का बजट सत्र जारी है और ये मुद्दे चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।