आरएसएस मुख्यालय में मोदी, मोहन भागवत, फडणवीस, गडकरी व अन्य नेताओं के साथ
हालांकि, लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत न मिलने और आरएसएस के सीमित सक्रिय समर्थन को इसके लिए जिम्मेदार माना गया। उसके बाद हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के विधानसभा चुनाव में संघ ने बीजेपी को चुनाव जीतने में मदद की। उसके बाद दोनों संगठनों (बीजेपी-संघ) के बीच संवाद और समन्वय तेज हो गया। मोदी उसी मजबूती को आगे बढ़ाने गए हैं। यह दिखाता है कि बीजेपी अपनी वैचारिक जड़ों से दूरी नहीं बनाना चाहती।
महाराष्ट्र बीजेपी के लिए एक प्रमुख राज्य है, जहां हाल के वर्षों में उसकी स्थिति चुनौतीपूर्ण रही है। इस दौरे के जरिए मोदी ने न केवल आरएसएस के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का प्रयास किया, बल्कि राज्य में पार्टी के आधार को मजबूत करने का संदेश भी दिया। दीक्षाभूमि का दौरा दलित समुदाय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो महाराष्ट्र और देशव्यापी राजनीति में महत्वपूर्ण है।