MHADA का दावा है कि यह प्रोजेक्ट बाढ़ और जलभराव की समस्या को हल करेगा और निवासियों को बेहतर जीवन स्तर देगा। लेकिन शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
मोतीलाल नगर बनाम धारावी
अडानी समूह मुंबई में दो बड़े रीडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट्स संभाल रहा है:
मोतीलाल नगर और धारावी। लेकिन ये दोनों प्रोजेक्ट्स अलग-अलग हैं।
मोतीलाल नगर प्रोजेक्ट
क्षेत्र: 143 एकड़, गोरेगांव (वेस्ट)।
लागत: 36,000 करोड़ रुपये।
विवरण: 3,372 रिहायशी इकाइयाँ, 328 वाणिज्यिक इकाइयाँ, और 1,600 झुग्गी-झोपड़ियों का पुनर्वास। निवासियों को 1,600 वर्ग फुट के मुफ्त अपार्टमेंट और 987 वर्ग फुट के वाणिज्यिक स्थान।
योजना: "15 मिनट सिटी" मॉडल, जिसमें स्कूल, अस्पताल, पार्क, और परिवहन 15 मिनट की दूरी पर होंगे। इसमें सौर पैनल युक्त इमारतें और 5 एकड़ का सेंट्रल पार्क शामिल हैं।
समयसीमा: 7 साल।
विशेषता: MHADA का सबसे बड़ा एकल रीडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट, जिसमें अडानी C&DA (कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट एजेंसी) के रूप में काम करेगा। ज़मीन का मालिकाना हक MHADA के पास रहेगा।
धारावी प्रोजेक्ट
क्षेत्र: 620 एकड़, मुंबई के केंद्र में।
लागत: 3 अरब डॉलर (लगभग 25,000 करोड़ रुपये)।
विवरण: एशिया के सबसे बड़े स्लम में 10 लाख लोगों का पुनर्वास। पात्र निवासियों को 350 वर्ग फुट के मुफ्त फ्लैट्स।
योजना: धारावी को "विश्व-स्तरीय" शहरी केंद्र में बदलना, जिसमें आवास, वाणिज्यिक क्षेत्र, और बुनियादी ढांचा शामिल है। अडानी 80% हिस्सेदारी के साथ विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) के ज़रिए काम कर रहा है, बाकी 20% महाराष्ट्र सरकार के पास।
समयसीमा: 7-10 साल।
विशेषता: धारावी की सामाजिक-आर्थिक जटिलता इसे वैश्विक स्तर का प्रोजेक्ट बनाती है।