पीएम मोदी यूएस राष्ट्रपति और कनाडा के पीएम के साथ। ये तस्वीर जी20 के दौरान की है।
विश्लेषकों का कहना है कि चीन की वजह से अमेरिका, कनाडा समेत तमाम पश्चिमी देश भारत पर दबाव नहीं बना पा रहे हैं लेकिन ज्यादातर कनाडा का ही समर्थन कर रहे हैं। एशिया में चीन पश्चिमी देशों का मुख्य प्रतिद्वंदी है। भारत-चीन संबंध कभी अच्छे नहीं रहे। पश्चचिमी देश मानते हैं कि काफी हद तक भारत की वजह से संतुलन बना रहता है। लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग और ब्रिटेन के विदेश कार्यालय के शुक्रवार के बयान इस मामले में वाशिंगटन और लंदन द्वारा नई दिल्ली की अब तक की सबसे सीधी आलोचना वाले स्वर हैं। जो भारत के लिए चिंता का विषय होना चाहिए
कनाडा के बाद अमेरिका और ब्रिटेन की भारत पर दबाव बनाने की खास वजह ये भी है कि इन तीनों देशों में सिखों की बहुत लॉबी है। वे तीनों देशों के चुनाव तक प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। जिसमें कनाडा में तो सिख ऐसे रच-बस गए हैं कि वे अब उसे दूसरा पंजाब मानते हैं। इसलिए सिखों के मुद्दे पर भारत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और ब्रिटेन के बयानों से साफ हो गया है कि वो सिखों के मुद्दे पर कनाडा के साथ खड़े हैं।