'यूनेस्को विश्व धरोहर' में शुमार फ़तेहपुर सीकरी की देख-रेख का ज़िम्मा 'भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण' का है, लेकिन वह दुर्दशा का शिकार है। आख़िर इसकी देखरेख क्यों नहीं हो रही है?
मुंबई पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के एक आपराधिक कृत्य में ‘रिपब्लिक टीवी’ के सम्पादक अर्णब गोस्वामी को गिरफ़्तार किया तो बीजेपी समर्थन में क्यों कूद पड़ी? बीजेपी शासित राज्यों में पत्रकारों के साथ कैसा सलूक?
ब्रज क्षेत्र के वातावरण को पिछले 7 दिन में नष्ट कर डाला गया। मथुरा और आगरा के इसलामिक धार्मिक केंद्रों पर कट्टरपंथी युवाओं ने उत्पात मचाया। पुलिस की कार्रवाई े साफ़ है कि वह इन लोगों को बचाना चाहती है।
उत्तर प्रदेश में 7 विधानसभा सीटों पर पड़ने वाले वोट किसके पक्ष में होंगे? इस सवाल का जवाब देने के लिए बीजेपी नाक को सीधे पकड़ने की बजाय उल्टा पकड़ना चाहेगी।
‘यूपी गौ संरक्षण क़ानून’ के समुचित पालन के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के हाल के फ़ैसले ने योगी सरकार पर कस कर तमाचा जड़ा है। 5 अगस्त को शामली में गिरफ़्तार रहमुद्दीन की ज़मानत याचिका स्वीकार कर ली गई।
दूरदर्शन पर 'अयोध्या की रामलीला' का लाइव प्रसारण चल रहा है। करोड़ों ख़र्च से 27 घंटों का यह प्रसारण दूरदर्शन की अब तक की सबसे कमज़ोर और उबाऊ प्रस्तुतियों के रूप में दर्ज़ होगा। ‘अयोध्या की रामलीला’ की ऐसी दशा क्यों?
कोरोना से उपजे एहतियात के चलते दिल्ली, अयोध्या के अपवाद को छोड़कर समूचा देश इस बार रामलीलाओं का आनंद उठाने से चूक जाएगा। आज भी इनकी अंतरात्मा लोकपक्षीय बनी रहने के बावजूद संकुचित विचारों का भारी-भरकम रंग कैसे चढ़ गया है?
यूपी पुलिस ने पीएफ़आई से जुड़े होने के आरोप में हाथरस जा रहे चार लोगों को गिरफ़्तार तो किया है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें केस डायरी तक नहीं दी गई है। उन्हें मिल भी गई तो क्या वे केस डायरी समझ पाएँगे? केस डायरी ऊटपटांग और डर पैदा करने वाला क्यों?
हाथरस गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने की बात मीडिया में हो रही थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लिया। विपक्ष भी उतरा। लेकिन आरोपी पक्ष की ओर से जब मुहिम शुरू हुई तो सरकार ने भी साज़िश ढूँढनी शुरू कर दी और अब मीडिया भी 'निर्दोषों को सज़ा नहीं' नैरेटिव गढ़ रहा है।
हाथरस मामले में आरोपियों के पक्ष में ठाकुर समुदाय ने भगना में पंचायत की। संयोजन सिकन्दराराव (हाथरस) के बीजेपी विधायक वीरेन्द्रसिंह राणा कर रहे थे। आख़िर क्या है लखनऊ से कनेक्शन?
हाथरस में मरने वाली निर्भया की फोरेंसिक जाँच रिपोर्ट पेश करते हुए उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) ने बीते गुरुवार को बड़े गर्व से कहा कि ‘मृत लड़की की योनि से शुक्राणु बरामद नहीं हुए हैं। इसके क्या मायने हैं?
राज्य सरकार के मुख्य प्रवक्ता और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अविनीश अवस्थी ने मुख्यमंत्री के हवाले से 'ऑपरेशन दुराचारी' के लागू किये जाने की घोषणा की है।
किसान नेता अशोक तिवारी कहते हैं कि यदि विकास का मौजूदा मॉडल चंबल में लागू हो सका तो यहाँ का ग़रीब और निर्धन बन चुका किसान ग़लत डगर पर चलकर हथियार उठाने को मजबूर हो जायेगा।
विश्व बैंक की मदद से चंबल के बीहड़ों के समतलीकरण और इसे कृषि योग्य बनाने की कोशिश शुरू हुई है। इसमें साज़िश की आशंका जताई जा रही है और कहा जा रहा है कि तबाह हो चुके किसान 'बाग़ियों' की नई फौज के रूप में जन्म लेंगे।
बीते रविवार मुख्यमंत्री ने इसका नाम बदल कर ‘शिवाजी म्यूज़ियज़म’ रख दिया। उनके इस अप्रत्याशित निर्णय पर न सिर्फ़ इतिहास के अकादमिक क्षेत्रों में व्यापक नकारात्मक प्रतिक्रिया हुई है, बल्कि आगरा के सामान्य नागरिकों ने भी इसे ‘बेमतलब की कोशिश’ बताया है।
निर्वेंद्र मिश्रा की हत्या से कई सवाल खड़े होते हैं। क्या उत्तर प्रदेश में जंगल राज है, कानून-व्यवस्था क्यों नहीं सुधर रही? इससे निपटने के लिए योगी सरकार के पास क्या योजना है?
आज शिक्षक दिवस है। यानी यह पहचानने का दिन कि एक सच्चा शिक्षक कैसा हो। अच्छे शिक्षक के गुण कैसे हों, पढ़िए आगरा के मशहूर आरबीएस कॉलेज के एक सच्चे शिक्षक की कहनी।