अरविंद मोहन एक पत्रकार, लेखक और अनुवादक हैं। इन्हें क़रीब चालीस वर्षों का अनुभव है। वह जनसत्ता, इंडिया टुडे, हिंदुस्तान, अमर उजाला और एबीपी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। उन्होंने गांधी के चंपारण सत्याग्रह, उनके संचार कौशल और मज़दूरों के पलायन पर किताबें लिखी हैं। उन्होंने राजमोहन गांधी, ज्यां द्रेज़, सच्चिदानंद सिन्हा, विमल जालान और आशुतोष वार्ष्णेय की किताबों सहित एक दर्जन किताबों का अनुवाद किया है। अरविंद छात्र युवा संघर्ष समिति, समता संगठन और समाजवादी जन परिषद के साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं।