प्रेम कुमार समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।
सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ के मयाने क्या हैं? सोनिया के अलावा राहुल गांधी, तृणमूल, शिवसेना जैसे विपक्षी दलों के नेताओं से पूछताछ क्या बदले की कार्रवाई है?
नूपुर शर्मा के बाद मोहम्मद ज़ुबैर को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के ये दोनों फैसले न्यायालयी प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने वाले हैं।
खालिस्तान या फिर भारत को इस्लामिक राष्ट्र या हिन्दू राष्ट्र बनाने की मांग करने वालों पर सरकार को सख़्त कार्रवाई करने की ज़रूरत है।
मोदी सरकार ने जिन शब्दों को संसद में असंसदीय क़रार दिया है, क्या उन शब्दों में कुछ भी आपत्तिजनक है या फिर उन शब्दों से कोई डर है? क्या हो जब इन शब्दों के बदले दूसरे शब्द इस्तेमाल किए जाने लगें?
ऑल्ट न्यूज़ के सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ कई मुक़दमे दर्ज किए जा चुके हैं। क्या यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि ज़ुबैर बहुत बड़े अपराधी हैं जबकि नुपूर शर्मा को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।
पहले नूपुर शर्मा और अब महुआ मोइत्रा की टिप्पणी के कारण देश की सियासत में अच्छा खासा विवाद खड़ा हो गया है। क्या इन दोनों महिला नेताओं की गिरफ्तारी होगी?
नूपुर शर्मा मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद अदालत के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान क्यों चलाया गया?
सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा के साथ ही दिल्ली पुलिस को भी फटकार लगाई है तो यह सवाल अब भी बाकी है कि दिल्ली पुलिस नूपुर शर्मा को कब गिरफ्तार करेगी।
महाविकास अघाड़ी सरकार पर आए संकट के दौरान कांग्रेस और एनसीपी मजबूती से शिवसेना के साथ खड़ी हैं। क्या इस वजह से बीजेपी और शिवसेना के बागी हताश हैं?
एकनाथ शिंदे और बागी विधायकों की ओर से बार-बार बाला साहेब के हिन्दुत्व का तर्क दिया जा रहा है। यह जानना जरूरी है कि क्या शिवसेना अपनी शुरुआत से हिन्दुत्ववादी पार्टी थी?
राष्ट्रपति के चुनाव के लिए उम्मीदवार के चयन में क्या एनडीए विपक्ष पर भारी पड़ गया है?
अग्निपथ योजना के खिलाफ देश भर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन कर रहे युवा आखिर क्यों इतने उग्र हो गए हैं, इस बारे में केंद्र सरकार उनसे बात क्यों नहीं करती?
सशस्त्र बलों में ‘अग्निवीरों’ की भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना की आलोचना क्यों हो रही है?
सोनिया व राहुल गांधी को ईडी के समन के बाद कांग्रेस ने जोरदार पलटवार किया है। क्या बेहद कमजोर हो चुकी कांग्रेस को इससे कुछ मजबूती मिलेगी?
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर बुलडोजर चलाया है। लेकिन कश्मीर के आतंकियों पर बीजेपी की सरकार के ये बुलडोजर क्यों नहीं चलते? क्या उसकी नज़र बहुसंख्यकवाद पर है।
पैगंबर साहब पर की गई टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के बाद दिल्ली पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है। जबकि नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को गिरफ्तार तक नहीं किया जा रहा है। इसका क्या मतलब है?
नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के पैगंबर मोहम्मद साहब पर दिए गए बयान को लेकर इस्लामिक मुल्कों का जोरदार विरोध और देश के कई हिस्सों में बन रहा सांप्रदायिक तनाव का माहौल क्या वाकई किसी बड़े ख़तरे का संकेत है?
क्या देश में बढ़ रही 'असहिष्णुता' से आरएसएस को अब दिक्कत महसूस होने लगी है? क्या हर मसजिद में विवाद ढूंढने से संघ प्रमुख मोहन भागवत को परेशानी हो रही है? जानिए उन्होंने क्यों कहा कि हर मसजिद के नीचे शिवलिंग खोजने की ज़रूरत नहीं।
कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी को महाराष्ट्र से कोई मराठी, छत्तीसगढ़ से कोई छत्तीसगढ़ी और राजस्थान से कोई राजस्थानी नेता नहीं मिला।
जातीय जनगणना पर बीजेपी-आरएसएस के विरोध के बावजूद बिहार के सीएम नीतीश कुमार अड़ गए हैं। उन्होंने 27 मई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बिहार में ओबीसी सबसे ज्यादा है। बीजेपी जानती है कि इस जनगणना का राजनीतिक मतलब क्या है। बिहार की राजनीति इस मुद्दे पर करवट ले सकती है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में हिंदी के जाने माने प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक डॉ. रविकान्त पर लगातार हमले क्यों हो रहे हैं? क्या इस वजह से कि वह एक दलित हैं?
हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि क्षेत्रीय दल बीजेपी का विरोध नहीं कर सकते, क्योंकि उनके पास कोई विचारधारा नहीं है। लेकिन राहुल का बयान गलत है, क्षेत्रीय दलों ने हमेशा कांग्रेस को खड़े होने में मदद की है। राहुल का बयान राजनीतिक रूप से सही नहीं कहा जा सकता।
राजद्रोह मामले में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद इस पर विवाद गहराया है। कुछ लोग इसे देशद्रोह मानते हैं। लेकिन क्या ऐसा है कि राजद्रोह क़ानून और देशद्रोह क़ानून एक ही हैं?
रोजगार के मामले में क्या हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि लोगों ने निराश होकर काम ढूंढना ही बंद कर दिया है? निश्चित रूप से यह स्थिति चिंताजनक है।
देश की अदालतों में लंबित मामले चिंता की कितनी बड़ी वजह होने चाहिए? 4 करोड़ से ज़्यादा लंबित मामले हैं। तो प्राथमिकता लंबित मामलों का निपटारा या फिर न्याय मिलने की भाषा होनी चाहिए?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से वैट की दर में कमी करने की अपील की है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेट्रोल-डीजल पर केंद्र की वसूली कितनी है और राज्यों की कितनी?