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ओमिक्रॉन का ख़तरा: कई राज्यों में पाबंदियां लागू, जश्न पर सख़्ती

ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए तमाम राज्य पाबंदियों को लागू कर रहे हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु समेत कई और राज्यों ने क्रिसमस और नए साल के जश्न पर पाबंदियां लगा दी हैं। क्रिसमस और नए साल के जश्न को देखते हुए कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू का एलान भी किया गया है।

दिल्ली में भी सरकार तमाम पाबंदियों को कड़ाई से लागू कर रही है। महरौली के एक क्लब में जब 600 लोग इकट्ठा थे तो अधिकारियों ने वहां पहुंचकर इस क्लब को सील कर दिया और मुकदमा भी दर्ज किया।

इसी तरह हरियाणा में भी नाइट कर्फ्यू का एलान कर दिया गया है। गुजरात के कई शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। मध्य प्रदेश और कर्नाटक में भी क्रिसमस और नए साल के जश्न को देखते हुए तमाम तरह की रोक लगाई गई हैं।

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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कुछ सख़्त कदम उठाए हैं। इसी तरह तमिलनाडु और राजस्थान भी अलर्ट मोड पर हैं। इसी कड़ी में महाराष्ट्र ने भी कुछ पाबंदियां लगाई हैं। महाराष्ट्र में अब रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक 5 या उससे ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। 

महाराष्ट्र सरकार ने कहा है जिम, स्पा, होटल, थियेटर और सिनेमा हॉल 50 फ़ीसदी की क्षमता के साथ चलेंगे जबकि खेल कार्यक्रमों में क्षमता के 25 फ़ीसदी लोग ही होंगे।

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कोरोना के मामले बढ़े 

मुंबई में शुक्रवार को कोरोनावायरस के 683 नए मामले सामने आए हैं जो 6 अक्टूबर के बाद से अब तक सबसे ज्यादा हैं जबकि पूरे महाराष्ट्र में 1410 नए मामले सामने आए जो 27 अक्टूबर के बाद से सबसे ज्यादा हैं।

राज्य में ओमिक्रॉन वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।

हाई कोर्ट की टिप्पणी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी कहा है कि ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश के चुनावों को कुछ वक्त के लिए डाल दे। कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की है कि चुनावी रैलियों पर रोक लगा दी जाए क्योंकि ओमिक्रॉन के चलते फरवरी में कोरोनावायरस की तीसरी लहर आने का अंदेशा है और उसी वक्त पांच राज्यों में चुनाव भी होने हैं। ये चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब हैं।

ओमिक्रॉन के चलते कोरोनावायरस की संभावित तीसरी लहर को अगर टालना है तो सभी राज्यों को पाबंदियां लागू करनी ही होंगी साथ ही आम लोगों को भी कोरोनावायरस प्रोटोकॉल का पालन करते हुए भीड़ वाले कार्यक्रम आयोजित नहीं करने चाहिए।

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