loader

कमल नाथ के घर पुलिस के पहुँचने से सियासी फायदा किसे?

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और जाने-माने नेता कमल नाथ के छिन्दवाड़ा स्थित निवास पर राज्य पुलिस के दस्ते ने सोमवार को ‘दबिश’ दी है। छिन्दवाड़ा से बीजेपी उम्मीदवार बंटी साहू की शिकायत पर छापेमारी की गई है।

लोकसभा चुनाव के लिए छिन्दवाड़ा सीट पर इसी सप्ताह 19 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं। छिन्दवाड़ा वो सीट है, जिस पर देश भर की नज़रे हैं। इस बार छिन्दवाड़ा को जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताक़त झोंकी हुई है। प्रचार थमने के कुछ घंटों पहले छिन्दवाड़ा पुलिस द्वारा कमल नाथ की शिकारपुर कोठी पर सोमवार दोपहर को दबिश देने से प्रदेश में राजनीति गर्मा गई है। छिन्दवाड़ा से कमल नाथ के पुत्र एवं निवृत्तमान सांसद नकुल नाथ कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। भाजपा ने विवेक बंटी साहू को टिकट दिया हुआ है।

ताज़ा ख़बरें

विवेक बंटी साहू ने कराई एफआईआर

भाजपा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू ने छिन्दवाड़ा के कोतवाली थाना में एक रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के बाद साहू ने मीडिया से कहा है, ‘कमल नाथ के पीए राजेन्द्र मिगलानी ने देश के प्रतिष्ठित चैनल के रिपोर्टर से उनके (साहू के) खिलाफ कूटरचित वीडियो वायरल करने की सुपारी दी है। सौदा 20 लाख रुपये में हुआ है।’ विवेक बंटी साहू ने मीडिया से बातचीत में मिगलानी और पत्रकार के बीच कथित सौदेबाजी से जुड़ा वीडियो भी दिखाया है।

एसपी ने की पुष्टि

सनसनीखेज मामले को लेकर ‘सत्य हिन्दी’ ने छिन्दवाड़ा एसपी मनीष खत्री से संपर्क साधा। उन्होंने बताया, ‘बीजेपी उम्मीदवार विवेक साहू ने राजेंद्र मिगलानी और पत्रकार सचिन गुप्ता के खिलाफ उनकी (साहू की) छवि धूमिल करने वाला कूटरचित आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की साज़िश रची।’ एसपी ने आगे कहा, ‘साहू की शिकायत पर विभिन्न धाराओं में मामला क़ायम किया गया है। गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। उसका मोबाइल ज़ब्त किया गया है। मोबाइल में क्लिप मिली है, जिसे जाँच के लिए विशेषज्ञों को भेजा जा रहा है।’

एसपी खत्री ने यह भी बताया, ‘मामले की पड़ताल के लिए पुलिस शिकारपुर कोठी पहुंची थी। मिगलानी मिले थे। उन्होंने अस्वस्थ होने की दलील देकर पांच दिनों का समय मांगा है। अपना मोबाइल फोन मिगलानी ने पुलिस को नहीं दिया है। पुलिस ने स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के मद्देनज़र मिगलानी को पांच दिनों की मोहलत दे दी है।’

खबर के लिए ‘सत्य हिन्दी’ ने राजेन्द्र कुमार मिगलानी को भी फोन लगाया, लेकिन उन्होंने फोन पिक नहीं किया। उन्हें भी व्हाटसएप संदेश भेजकर पूरे मामले को जानने का प्रयास ‘सत्य हिन्दी’ ने किया, लेकिन व्हाटसएप संदेश का जवाब भी नहीं आया।

पूरे मामले में अभी कमल नाथ अथवा नकुल नाथ या उनके परिजनों की ओर से कोई भी बयान सामने नहीं आया है।

कड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं कमल नाथ

लोकसभा के इस चुनाव में छिन्दवाड़ा में कमल नाथ अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उनके अपने निकटस्थ और कृपापात्र नेता-कार्यकर्ता, लगातार कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में जा रहे हैं। छिन्दवाड़ा में भाजपा ज्वाइन कर लेने वालों की फेहरिस्त काफी लंबी है।

कमल नाथ ने नौ बार छिन्दवाड़ा को जीता है

कमल नाथ छिन्दवाड़ा से 9 बार सांसद रहे हैं। कमल नाथ की पत्नी अलका नाथ ने इस सीट को (हवाला में कमल नाथ का नाम आने के बाद टिकट कट जाने पर) 1996 में जीता था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कमल नाथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। इस सीट पर उन्होंने पुत्र नकुल नाथ को उतारा था। नकुल नाथ ने भाजपा के प्रत्याशी को 38 हजार से ज्यादा वोट से हराया था।

मध्य प्रदेश से और ख़बरें

1997 में हार गए थे कमल नाथ

छिन्दवाड़ा लोकसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आयी थी। साल 1957 से 2019 के बीच हुए सभी चुनावों में कांग्रेस इस सीट को जीतती रही। कमल नाथ को 1980 में इस सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लांच किया था। इंदिरा गांधी कमल नाथ को तीसरा पुत्र माना करती थीं। कमल नाथ ने 1980 के अपने पहले चुनाव में छिन्दवाड़ा में शानदार जीत दर्ज करने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे चुनाव-दर-चुनाव सीट पर जीत दर्ज करते रहे।

साल 1997 में छिन्दवाड़ा में उपचुनाव भर में कमल नाथ ने भाजपा के उम्मीदवार और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के हाथों शिकस्त का सामना किया था। उपचुनाव हारने के बाद तमाम प्रतिकूल हालातों में वे चुनाव जीतते रहे।

छिन्दवाड़ा मॉडल की धूम देश भर में होती रही है

कमल नाथ ने छिन्दवाड़ा की सूरत बदली है। अपने दौर में 6 हजार किलोमीटर से ज्यादा की लकदक सड़कें, पुल-पुलियाएं और अन्य विकास के कार्य वे यहां करते रहे हैं। कई ऐसे संस्थान वे लेकर आये, जिनके जरिये रोजगार के रास्ते साफ हुए। कमल नाथ का ‘छिन्दवाड़ा मॉडल’ देखने के लिए देश के कई हिस्सों के नेता-राजनेता पहुंचते रहे हैं।

कमल नाथ यायावर नेता के तौर पर छिन्दवाड़ा के वोटरों के बीच ख्यात रहे हैं। वोटरों और उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा ‘नाथ मॉडल’ क्षेत्र में लोकप्रियता एवं जीत-दर-जीत का फार्मूला-पैमाना माना जाता रहा है। इस बार के लोकसभा चुनाव में कमलनाथ के ‘मॉडल’ को ध्वस्त करने और चुनावी रण में पटखनी देने के लिए भाजपा ने कमर कस रखी है।

इसी रणनीति के तहत भाजपा ने बड़ी तादाद में कांग्रेसियों को तोड़ा है। एक मौजूदा विधायक, मेयर और कमल नाथ के दाहिने हाथ माने जाने वाले चार बार के विधायक एवं दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री रहे दीपक सक्सेना से भी भाजपा पाला बदलवाने में सफल रही है।

ख़ास ख़बरें

अमित शाह डालेंगे छिन्दवाड़ा में कल से डेरा

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल 16 अप्रैल को छिन्दवाड़ा पहुंच रहे हैं। वे यहां रोड शो करेंगे। चुनावी सभा भी उनकी होने वाली है। शाह रात्रि विश्राम छिन्दवाड़ा में करेंगे। छिन्दवाड़ा में 17 अप्रैल को चुनाव प्रचार थम जाने वाला है, उसके पहले शाह का दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘लोकतंत्र जीतेगा, अधिनायकवाद हारेगा’

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार के.के. मिश्रा ने पुलिस की छापेमारी को लेकर ‘सत्य हिन्दी’ से कहा, ‘भाजपा बौरा गई है। साम-दाम-दंड-भेद के बावजूद साफ दिखलाई पड़ रही हार से बौखलाकर औछे हथकंडों पर आमादा हो गई है। नाथ की घर पुलिस भेज रही है।’

मिश्रा ने कहा, ‘पुलिस को जो जांच करना है कर ले, सचाई छिपने वाली नहीं है। छिन्दवाड़ा में ‘कमल’ खिलाने का मोदी-शाह का ख्वाब, बस ख्वाब ही बनकर रह जायेगा। कांग्रेस के उम्मीदवार नकुल नाथ शानदार मतों से छिन्दवाड़ा सीट को जीतकर भाजपा की तमाम उम्मीदों पर पानी फेरेंगे।’

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
संजीव श्रीवास्तव
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

मध्य प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें