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धरना देते कांग्रेस कार्यकर्ता।

यूपी: नहीं थमी बसों पर रार, 460 बसें फर्जी : योगी सरकार, अजय लल्लू फिर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए बसें दिये जाने के बाद योगी सरकार से शुरू हुई कांग्रेस की रार थमती नहीं नज़र आ रही है। प्रियंका गांधी ने बुधवार को जहां सोशल मीडिया के जरिये अपनी बात रखी, वहीं योगी सरकार की ओर से कांग्रेस पर हमला बोलने के लिए एक बार फिर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को उतारा गया। 

इस सबके बीच, मंगलवार रात को आगरा में गिरफ्तार किए गए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को बुधवार को अदालत से जमानत मिल गयी पर उन्हें लखनऊ पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया। इधर, लगातार तीसरे दिन राजस्थान सीमा से लगते उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगला ऊंचा गांव में कांग्रेस की सैकड़ों बसें खड़ी रहीं और श्रमिकों को ले जाने के लिए प्रदेश सरकार की इजाजत का इंतजार करती रहीं। 

प्रियंका गांधी के मजदूरों को लाने के लिए बसें दिए जाने को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्रियों के साथ बीजेपी के तमाम छोटे-बड़े नेता दिन भर जहर उगलते रहे। इसके अलावा महीनों से पार्टी लाइन से अलग सुर अलाप रहीं कांग्रेस की नाराज विधायक अदिति सिंह ने भी तेवर दिखाए।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को आगरा पुलिस ने मंगलवार रात उस समय गिरफ्तार कर लिया था जब वह आगरा जिले की सीमा पर खड़ी पार्टी की बसों को नोएडा व ग़ाज़ियाबाद ले जाने की जिद कर रहे थे। लल्लू को धरना देने व महामारी एक्ट के उल्लंघन की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था। 

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बुधवार दोपहर बाद अजय लल्लू को आगरा की अदालत ने रिहा कर दिया। लेकिन लखनऊ पुलिस ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया। लखनऊ के एसीपी (कृष्णा नगर) दीपक कुमार और मामले के सह विवेचक ने लल्लू को हिरासत में लिया। हिरासत में लेने के बाद लल्लू को लेकर पुलिस लखनऊ के लिए रवाना हो गयी। लल्लू के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर धरना भी दिया। 

बसों की सूची में कुछ विवरण ग़लत होने पर फर्जीवाड़े के आरोप में मंगलवार रात लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में अजय लल्लू व प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कराया गया था। 

एक और पत्र लिखा  

इससे पहले प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने मंगलवार देर रात को यूपी के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी को चिट्ठी लिखकर कहा कि वह कई घंटों से आगरा सीमा पर बसों के साथ इंतजार कर रहे हैं और पुलिस उन्हें नोएडा, ग़ाज़ियाबाद की ओर जाने नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि बसों के साथ कांग्रेस के लोग बुधवार शाम तक इंतजार करेंगे। बुधवार देर शाम को भी संदीप सिंह ने फिर से यही कहा कि वह योगी सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पंजाब और राजस्थान में प्रवासियों के लिए बसें क्यों नहीं उपलब्ध करवा रही है?

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जब कोटा में उत्तर प्रदेश के छात्र भूख से बिलख रहे थे, बीमार थे, तब अशोक गहलोत सरकार को दया क्यों नहीं आई। उन्होंने कहा कि तब योगी सरकार ने 630 बसें भेजकर अपने छात्र-छात्राओं को वापस बुलाया और सुरक्षित तरीके से उनके घरों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तब स्वयं योगी सरकार की इस पहल की तारीफ की थी। 

कांग्रेस ने बसों का जो वीडियो बनाया है, उसमें दिख रही बसें राजस्थान परिवहन विभाग की हैं। ये बसें एक राजनीतिक दल कैसे निजी तौर पर एकत्रित कर सकता है। इन बसों को किस हैसियत से चलाया जाए।’


डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा द्वारा जो 1000 बसों की सूची दी गई थी उसमें 460 बसें फर्जी निकलीं, जिनका फिटनेस सर्टिफ़िकेट भी नहीं है। इसके अलावा 98 एम्बुलेंस, ऑटो, बाइक और 68 वाहनों के कागज ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार अनफिट बसें चलाकर श्रमिकों की जान के साथ खिलवाड़ करे?

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अदिति सिंह को मिला नोटिस 

बीते कुछ समय से पार्टी से अलग सुर अलाप रहीं रायबरेली की कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने भी ट्वीट कर पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, ‘आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत, एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा है।’ 

उन्होंने लिखा, ‘ये कैसा क्रूर मजाक है, अगर बसें थीं तो राजस्थान,पंजाब, महाराष्ट्र में क्यों नहीं लगाईं।’ अदिति सिंह के इस क़दम को अनुशासनहीनता मानते हुए पार्टी ने उन्हें नोटिस जारी किया है। पार्टी पहले भी अदिति को कारण बताओ नोटिस दे चुकी है।

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कुमार तथागत
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