उमर खालिद की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के जज जुमला, चंगा, इंक़लाब शब्दों पर क्यों उखड़े? क्या ये शब्द किसी भी रूप में आपत्तिजनक हैं?
दिल्ली हाई कोर्ट ने अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा और उमर खालिद के मामले में बीते दिनों में कुछ टिप्पणियां की हैं, क्या ये टिप्पणियां न्याय व्यवस्था के चाल, चरित्र और चेहरे में आ रहे चिंताजनक बदलाव का संकेत हैं?
दिल्ली पुलिस को क्या अपनी दक्षता, अपने कामकाज पर गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत नहीं है? जानिए, दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास पर हमले को लेकर हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लेकर क्या क्या कहा।
क्या दिल्ली दंगे में कथित तौर पर नफ़रत फैलाने वाले भाषण के लिए बीजेपी नेताओं के ख़िलाफ़ अब एफ़आईआर दर्ज होगी? जानिए, एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है।
पिछले साल तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए विदेशियों को तो बरी कर दिया गया था, लेकिन जिन लोगों पर ऐसे लोगों को शरण देने का आरोप था उसमें पुलिस ने क्या जाँच की?
राकेश अस्थाना की नियुक्ति का कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने विरोध किया था। आम आदमी पार्टी ने विधानसभा में अस्थाना की नियुक्ति के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास किया था।
दिल्ली हाई कोर्ट ने तो यहाँ तक कहा है कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को तो अपना कमिटमेंट पूरा करना पड़ेगा क्योंकि उन्होंने जो वादा किया है, वह मुख्यमंत्री के रूप में किया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि एक मुख्यमंत्री या एक सरकारी प्राधिकरण द्वारा किया गया एक स्पष्ट वादा या आश्वासन नागरिकों में एक उचित उम्मीद जगाती है कि इसे पूरा किया जाएगा। इसने कहा कि ऐसा वादा अदालतों द्वारा 'स्पष्ट रूप से लागू कराने के योग्य' है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले को आदेश दिया है कि वे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की पत्नी लक्ष्मी मुरदेश्वर पुरी से जुड़े 'शर्मनाक' ट्वीट्स डिलीट कर दें।
एक हिंदू महिला के धर्मांतरण के बाद उसके बारे में कथित दुर्भावनापूर्ण ख़बर प्रकाशित करने और जान पर ख़तरे का आरोप लगाए जाने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार, संबंधित मीडिया संस्थानों, न्यूज़ चैनलों की संस्था एनबीएसए को नोटिस जारी किया है।
वाट्सऐप ने ख़ुद शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि यह अपने यूज़रों को यह विवादित नयी प्राइवेसी पॉलिसी स्वीकार करने के लिए तब तक दबाव नहीं डालेगा जब तक सरकार व्यक्तिगत डाटा सुरक्षा विधेयक को पास नहीं करा देती है।