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जेएनयू: नक़ाबपोश लड़की कोमल ही है: दिल्ली पुलिस; हमारी कार्यकर्ता है: एबीवीपी

आख़िरकार दिल्ली पुलिस ने मान लिया कि जेएनयू में गुंडागर्दी के दौरान दिखी नक़ाबपोश लड़की कोमल शर्मा ही है। इससे पहले ‘ऑल्ट न्यूज़’ और ‘इंडिया टुडे’ ने दावा किया था कि इस लड़की का नाम कोमल शर्मा है और वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की कार्यकर्ता है। हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर जोरदार ढंग से वायरल हुई फ़ोटो में कोमल शर्मा चेक शर्ट पहनी दिखी थी और उसने हल्के नीले रंग के स्कॉर्फ़ से मुंह ढका हुआ था। कोमल के हाथों में डंडा भी था। कोमल दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज की छात्रा है। 

वायरल वीडियो और फ़ोटो में कोमल को दो अन्य छात्रों के साथ जेएनयू के छात्रों को धमकाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि वह कोमल शर्मा और ‘इंडिया टुडे’ के स्टिंग ऑपरेशन में दिखे अक्षत अवस्थी और रोहित शाह को नोटिस भेज चुकी है। पुलिस का कहना है कि वह इन तीनों की तलाश में जुटी है और इनके फ़ोन स्विच ऑफ़ हैं। 

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अभी तक एबीवीपी भी यह मानने से इनकार कर रही थी कि कोमल उसके संगठन की कार्यकर्ता है। लेकिन इस बारे में जब अंग्रेजी अख़बार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने एबीवीपी की दिल्ली इकाई के सचिव सिद्धार्थ यादव से बात की तो उन्होंने स्वीकार किया कि कोमल शर्मा उनके संगठन की कार्यकर्ता है। सिद्धार्थ ने अख़बार से कहा, ‘जब से सोशल मीडिया पर कोमल को ट्रोल किया गया है, हमारी उससे बात नहीं हो सकी है। हमें उसके बारे में जो अंतिम सूचना मिली थी, वह यह थी कि वह अपने परिवार के साथ है। मैं उससे यह भी नहीं पूछ पा रहा हूं कि उसे पुलिस का समन मिला है या नहीं।’ 

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सिद्धार्थ ने कहा, ‘इस मामले में जाँच की ज़रूरत है जिससे कोमल के नाम पर लगे दाग़ को हटाया जा सके। लेकिन अगर उसने कुछ ग़लत किया है तो उस बारे में संगठन देखेगा। एबीवीपी ख़ुद भी इस मामले की जाँच कर रही है क्योंकि हमारे कई कार्यकर्ताओं को जेएनयू में पीटा गया है।’ 
एबीवीपी इस बात से लगातार मना कर रही है कि अक्षत और रोहित उसके संगठन के कार्यकर्ता नहीं हैं। जबकि स्टिंग ऑपरेशन में अक्षत ने कहा है कि वह एबीवीपी का कार्यकर्ता है और राहुल ने कहा है कि उसने गुंडों की मदद की है और जेएनयू में जो हुआ उस पर उसे गर्व है।
स्टिंग ऑपरेशन के दौरान अक्षत अवस्थी ने भी कोमल शर्मा का नाम लिया था। अक्षत ने ‘इंडिया टुडे’ के अंडर कवर रिपोर्टर से कहा था कि जेएनयू में हमला करने वाले लोगों को उसने ही इकट्ठा किया था और हमले का नेतृत्व भी किया था। अक्षत ने कहा था, ‘कोमल शर्मा मैस में थी, जब साबरमती हॉस्टल में भीड़ पहुंची तो कोमल शर्मा भी मैस के अंदर जाने की कोशिश कर रही थी, मेरे वहां पहुंचने पर वह डर गई थी। उसने सोचा कि मैं भी वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़ा हूँ। लेकिन मैंने उसे बताया, मैं तुम्हारी तरफ़ से हूं।’ 

क्राइम ब्रांच ने की पूछताछ 

इस बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने जेएनयू के दो और छात्राओं से पूछताछ की है। इनके नाम सुचेता तालुकदार और प्रिया रंजन हैं। तालुकदार वामपंथी छात्र संगठन आइसा से जुड़ी हैं जबकि रंजन किस संगठन से जुड़ी हैं, इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने कहा है कि तालुकदार के मुताबिक़ वह इस हिंसा में शामिल नहीं हैं। प्रिया रंजन ने कहा है कि उसने पुलिस को हिंसा वाले दिन वह कहां थी, इस बारे में एक पेज का बयान दिया है। 

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